उसके लिए ये दिल्लगी थी

उसके लिए ये दिल्लगी थी
मेरी जिन्दगी की बात थी,
उसने मुद के भी न देखा मुझे
मेरी तो परछाई भी उसके साथ थी,
बे-मौत मर रहे थी हम
मेरी जिंदगी उसके ही हाथ थी,
वीरानियो में छोड़ा उसने मुझे
पर दुनिया उसी तो आबाद थी
उसके खवाबों मई भी न थी हम
और मेरी तो दुनिया ही उसके साथ थी.

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